Friday, March 20, 2026

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हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति, हरियाणा।
11वां त्रिवार्षिक राज्य स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन
दिनांक: 11-13 अप्रैल, 2026, स्थान: महाराणा प्रताप भवन, सेक्टर 8, करनाल
.............................द्वार ...................................हाल ........................................... नगर
प्रस्तावित रिपोर्ट
आदरणीय साथियांे, 

हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति के 11वें राज्य सम्मेलन के मौके पर आप सभी मेहमानों, प्रतिनिधियों और सहयोगियों का हार्दिक अभिनन्दन है। हमारा गत राज्य सम्मेलन 09-10 अप्रैल 2023 को रोहतक में भारी उत्साह के साथ संपन्न हुआ था। जिसके खुले सत्र में 160 प्रतिनिधियों समेत करीब 400 साथियों ने भाग लिया था। सम्मेलन में 9 सदस्यीय सचिवमण्डल समेत 26 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी का गठन किया गया था। गत सम्मेलन से अब तक की अवधि में देश-प्रदेश और दूनिया में बहुत ही तेज गति से सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक बदलाव हुए हैं। जिनका नोटिस लेकर ही हम अपनी भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल देश-प्रदेश में सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी शक्तियां अति सक्रिय हैं और सत्ता पर काबिज हैं; जो जनता को असल सवालों से भटकाकर जाति, धर्म व इलाके आदि के नाम पर आपस में बांटने का काम रणनीतिक तरीके से कर रही हैं। इन हालातों में सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के लिए सहजता से काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में परिस्थितियों की ठोस समीक्षा करते हुए ही हमें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए ज्ञान-विज्ञान आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य को जानना व समझना जरूरी है।
सांगठनिक रिपोर्ट
हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति के गत राज्य सम्मेलन की समीक्षा हमने पहली ही बैठक कर ली थी। जिसमें आज के दौर में बढ़ रहे तनाव और दबाव के बीच ज्ञान-विज्ञान आंदोलन के सामने दुनिया की मुख्य चुनौतियों, जिनमें संसाधनों का असमान वितरण और जनतंत्र की मांग को कुचलने की प्रवृत्ति आदि को गहराई से समझते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया गया था। राष्ट्रीय केंद्र से आए मुख्य वक्ता प्रोबीर पुरूस्कायत तथा आशा मिश्रा और काशीनाथ चटर्जी के वक्तव्य भी काफी अच्छे रहे थे। हमारे विभिन्न सहयोगी संगठनों हरियाणा विज्ञान मंच, भारत ज्ञान-विज्ञान समिति, जतन नाट्य मंच, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ, जनवादी लेखक संघ हरियाणा, जनवादी महिला समिति, डीवाईएफआई, दलित अधिकार मंच और विकलांग अधिकार मंच आदि संगठनों से भी नेटवर्किंग बेहतर थी।

गत 3 वर्षों में हमने सामाजिक हस्तक्षेप के लिए कारगर संगठन का निर्माण करने की अनिवार्यता को समझते हुए हर स्तर पर सांगठनिक प्रक्रियाओं को दुरूस्त करने, कामों का उचित बंटवारा करने, अलग-अलग क्षेत्रों के विमर्श के लिए गठित 10 कोर समूहों को सक्रिय कर सामूहिक पहल करने की कार्य-पद्धति विकसित करने और संगठन की सदस्यता करने के कामों को गंभीरता से लेने का प्रयास किया हैं। वैज्ञानिक मानसिकता का विकास, सामाजिक न्याय, महिलाओं, दलितों एवं युवाओं की स्थिति, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र जैसे कार्यों पर विमर्श की प्रक्रियाएं निरन्तरता में संचालित की गई हैं। पूरे सांगठनिक ढ़ांचे को सक्रिय बनाने के लिए एक निश्चित अंतराल पर सचिवमण्डल, कार्यकारिणी और कोर समूहों की लगातार आवश्यकता अनुसार बैठकें आयोजित की गई। लेकिन अभी हम वैचारिक कार्यों को एक स्तर तक और सीमित रूप में ही कर पा रहे हैं। जबकि हमें मानव जीवन के तमाम मसलों और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए वैचारिक कार्य को अधिक गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

जिला प्रभारियों और कोर ग्रुपों के इंचार्ज के तौर पर सचिवमण्डल एवं राज्य कमेटी के अधिकतर सदस्यों की व्यक्तिगत जिम्मेवारियों को निभाने के प्रयासों की गंभीरता कमजोर बनी हुई है। हालांकि कुछ जिलों की मीटिंगें हुई हैं लेकिन वो भी निरन्रता में नहीं हो पा रही हैं। जिला प्रभारियों से आपसी तालमेल का भारी अभाव बना हुआ है और प्रभारी भी पहलकदमी करके संज्ञान नहीं ले पा रहे हैं। जिससे एक खास स्पिरिट नहीं बन पा रही है। बदलती परिस्थितियों के मध्यनजर दिनांक 10/03/2024 कुछ नए साथियों को राज्य कार्यकारिणी में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया। जींद के जिला सचिव मा0 प्रमोद कुमार, करनाल के जिला उपाध्यक्ष विनोद मंगलौरा और फतेहाबाद के जिला संयोजक संदीप महिया शामिल हैं। साथ ही वर्तमान सांगठनिक जिलों के साथ ही फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, झज्जर और गुरुग्राम आदि जिलों में भी सांगठनिक प्रयास बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जहां राज्य सचिवमण्डल एवं कार्यकारिणी सदस्य अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए काम करेंगे।

मीटिंगों की संचालन व्यवस्था: मीटिंगों की संचालन व्यवस्था को काफी हद सुचारू किया गया है। जहां हर माह राज्य सचिवमण्डल और दो माह में राज्य कार्यकारिणी की बैठकें करने का प्रयास सफल रहा है; वही जिलों की मीटिंगों में भी शामिल होने का यथासंभव प्रयास रहता है। हर तरह की मीटिंगों का सरकुलर जारी किया जाता है ताकि अनुपस्थित साथियों को भी मीटिंग के विमर्श और निर्णयों की जानकारी मिल सके। इसके साथ ही बीच-बीच में जरूरी निर्णयों को अवगत कराने के लिए भी वाटसएप पर सूचनाएं साझा करने का प्रयास रहता है।

मीटिंगों में उपस्थिति का रिकाॅर्ड:
गत सम्मेलन से अब तक राज्य सचिवमण्डल की 23 और कार्यकारिणी 20 मीटिंगें हुई हैं। जिनमें उपस्थिति का रिकाॅर्ड एवं टिप्पणियां इस प्रकार है:
 
क्र0 पदनाम नाम उपस्थिति (म्ब् उममज.20) उपस्थिति (ैमबज उममज.23) टिप्पणी
1 अध्यक्ष प्रमोद गौरी 20 23
2 सचिव सुरेश कुमार 20 23
3 कोषाध्यक्ष नन्दकिशोर 10 10
4 उपाध्यक्ष डॉ0 धर्म सिंह 1 1 केवल मात्र एक मीटिंग एटैण्ड की गई। बाद में 6 माह की छुट्टी ली मगर बाद में तो दुबारा आने से ही इंकार कर दिया।
5 उपाध्यक्ष सोहन दास 16 21
6 सहसचिव नरेश प्रेरणा 8 9 अप्रैल 24 तक हुई सैक्ट की 6 मीटिंगों में से सभी 6 में और वर्ष 2025 में हुई 10 मीटिंगों में से 6 में गैरहाजिरी रही। यानि 3 वर्षों में से करीब 2 वर्ष गैरहाजिरी रही। ऐसी ही स्थिति म्ब् मीटिंगों की रही।
7 सहसचिव राममेहर 9 12 बीच-बीच में अन्य प्रोजैक्टों में काम करने के चलते कुछ अनुपस्थिति रही।
8 सेक्ट मैंबर मनीषा 19 23
9 सेक्ट मैंबर वेदपाल 19 19
10 सेक्ट मैंबर मा. रमेश चन्द्र 13 16/2 16 मीटिंगों में से केवल मात्र 2 मीटिंग एटैण्ड की गई।
11 म्ब् सदस्य डॉ0 दहिया 19
12 म्ब् सदस्य वेदप्रिय 11 साईंस कोर को सबसे ज्याद सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। हालांकि शारीरिक स्वास्थ्य की समस्या के चलते हाजिरी कम रही।
13 म्ब् सदस्य अनिता शर्मा 8 स्वास्थ्य एवं घरेलू कारणों से कम हाजिरी रही।
14 म्ब् सदस्य सतबीर नागल 17
15 म्ब् सदस्य शीशपाल 12 अन्य सांगठनिक जिम्मेदारियों के चलते हाजिरी कम रही।
16 म्ब् सदस्य अमृतलाल 12 स्वास्थ्य कारणों एवं अन्य साथियों के न चलने के कारण कम हाजिरी रही।
17 म्ब् सदस्य डा. बलजीत भ्याण 8 घरेलू कारणों एवं अन्य साथियों के न चलने के कारण कम हाजिरी रही।
18 म्ब् सदस्य मा0 वजीर सिंह 9 अन्य सांगठनिक जिम्मेदारियों के चलते हाजिरी कम रही।
19 म्ब् सदस्य मा0 रामफल 9 घरेलू कारणों एवं अन्य व्यस्तताओं के कारण कम हाजिरी रही।
20 म्ब् सदस्य सतीश चैहान 3 सांगठनिक समस्याओं के चलते कम उपस्थिति रही।
21 म्ब् सदस्य अनिता बगोटिया 16
22 म्ब् सदस्य सुलेख चन्द 4 मीटिंगों में आने के प्रति कम गंभीरता दिखाई।
23 म्ब् सदस्य शीतल 10 घरेलू कारणों एवं अन्य व्यस्तताओं के कारण कम हाजिरी रही।
24 म्ब् सदस्य सतपाल आनंद 1 ज्यादातर समय विदेश में रहने और अन्य जिम्मेदारियों के चलते कम हाजिरी रही।
25 म्ब् सदस्य मदनपाल 1 स्वास्थ्य कारणों से एक मीटिंग के बाद आने से इंकार कर दिया।
26 म्ब् सदस्य राजबाला 1 घरेलू कारणों से एक मीटिंग के बाद आने से इंकार कर दिया।
27 म्ब् सदस्य मा. प्रमोद कुमार 15/10
28 म्ब् सदस्य मा. संदीप महिया 15/5 स्कूल में छुटटी न मिलने के कारण हाजिरी कम रही।
29 म्ब् सदस्य विनोद मंगलोरा 15/4 घरेलू कार्यों एवं अन्य व्यस्तताओं के कारण कम हाजिरी रही।

सांगठनिक जिम्मेदारियों का विभाजन:
राज्य सचिवमण्डल एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यों की ठोस जिम्मेदारी तय की गई। सचिवमण्डल सदस्यों को सांगठनिक जिलों का प्रभारी कार्यकारिणी सदस्यों को पड़ोसी जिलों में संपर्क बढ़ाकर काम की शुरूआत की गई। इसके अलावा 10 कोर समूहों का पुनर्गठन कर अलग-अलग मुद्दों पर गहराई से विमर्श की प्रक्रियाएं चलाई गई। सभी कोर समूहों में राज्याध्यक्ष और राज्य सचिव शामिल रहें। 

सचिवमण्डल सदस्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारियां: 
1. प्रमोद गौरी: राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय काॅ-आर्डीनेशन;
2. सुरेश कुमार: ओवरआॅल काॅ-आर्डीनेशन, प्रोसीडिंग एवं पैस नोट आदि;
3. नंदकिशोर: वित्तिय लेखा-जोखा एवं जिलों से लेनदेन;
4. सोहन दास: सदस्यता का फाॅलोअप व कंसोलीडेशन;
5. राममेहर: प्रैस नोट आदि;
6. मनीषा: बुलेटिन व अन्य प्रकाशन;
7. वेदपाल: सभी प्रकाशनों का वितरण व जिलों से तालमेल। 

सचिवमण्डल सदस्यों की जिला प्रभारियों के तौर जिम्मेदारियां:
1. कैथल - सुरेश कुमार
2. करनाल - सोहन दास
3. पानीपत - राममेहर
4. जींद - नरेश प्रेरणा
5. भिवानी - डॉ0 धर्म सिंह
6. हिसार - नन्दकिशोर
7. रोहतक - प्रमोद गौरी
नोट: सचिवमण्डल के अन्य दो साथियों मनीषा और वेदपाल की विशेष जिम्मेदारी बुलेटिन/प्रकाशन एवं वितरण कोर पर लगाई गई है।

कोर समूहों की जिम्मेदारियां: 
1. दलित विमर्श कोर: संयोजक - अमृत लाल एवं सदस्य - नन्दकिशोर, राममेहर और अनिता बगोटिया।
2. महिला विमर्श कोर: संयोजक -  अनिता शर्मा एवं सदस्य - मनीषा, राजबाला और शीतल।
3. युवा विमर्श कोर: संयोजक - अनिता बगोटिया एवं सदस्य - राममेहर और सतीश।
4. अल्पसंख्यक विमर्श कोर: संयोजक - सुलेख चन्द एवं सदस्य - सोहन दास, मनीषा और मदनपाल।
5. शिक्षा कोर: संयोजक - मा0 वजीर सिंह एवं सदस्य - सतीश, शीशपाल, वजीर सिंह, रमेश चन्द्र, नन्दकिशोर, राजबाला, रामफल और शीतल। 
6. साईंस कोर: संयोजक - वेदप्रिय एवं सदस्य - सतबीर नागल, वेदप्रिय, मा0 रमेश चन्द्र और डॉ0 रणबीर दहिया। 
4. स्वास्थ्य कोर: संयोजक - डॉ0 रणबीर दहिया एवं सदस्य - धर्मसिंह, वजीर सिंह, सोहनदास, राममेहर और सतपाल आनन्द।
5. कृषि कोर: संयोजक -  बलजीत भ्याण एवं सदस्य - धर्म सिंह, मदनपाल और राममेहर।
6. सांस्कृतिक कोर: संयोजक - नरेश प्रेरणा एवं सदस्य - डॉ0 रणबीर दहिया, अनिता शर्मा, सतबीर और अमृतलाल।
7. बुलेटिन/पुस्तक प्रकाशन एवं वितरण कोर: संयोजक - मनीषा एवं सदस्य - डॉ0 रणबीर दहिया, वेदप्रिय, मा0 वजीर सिंह और वेदपाल।

उपरोक्त सांगठनिक जिलों के अलावा संपर्क वाले जिलों में भी काम की शुरूआत करने हेतु राज्य कार्यकारिणी के निम्नलिखित साथियों की डयूटी लगाई गई।
1. सिरसा व फतेहाबाद - अनिता शर्मा और मा0 रमेश चन्द्र।
2. कुरुक्षेत्र - अमृतलाल और रामफल मलिक।
3. सोनीपत - सतीश और मदनपाल।
4. गुरुग्राम व मेवात - सतबीर नागल, शीशपाल व मा0 वजीर सिंह।
5. झज्जर, दादरी, पंचकुला और यमूनानगर - मा0 वजीर सिंह, वेदप्रिय और अनीता बगोटिया।
राष्ट्रीय नेतृत्व से तालमेल
राष्ट्रीय नेतृत्व से हमारा निरन्तरता में तालमेल एवं विमर्श बहुत ही गहरा रहता है। हर तरह की कार्यशालाओं, मीटिंगों में हमारी भागीदारी जीवंतता के साथ रहती है। विभिन्न राज्यों में हमारा नेतृत्व स्रोत व्यक्तियों के तौर पर भी शामिल रहता है।

राष्ट्रीय/जोनल कार्यक्रम एवं उनमें भागीदारी
30 अप्रैल 2023 को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय शिक्षा असेंबली में हरियाणा के 9 जिलों से 110 व 5 सहयोगी संगठनों के 30 यानी कुल मिलाकर 140 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जबकि हमारा कोटा मात्र 100 प्रतिनिधियों को शामिल का था। इनमें करनाल, जींद व रोहतक के हमारे 7 वालंटियर्स भी शामिल हैं। असेंबली में देशभर के 14 राष्ट्रीय संगठनों से 600 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। केरल की उच्च शिक्षा मंत्री ने ओपन सेशन का मुख्य वक्तव्य रखा था जबकि जम्मू एंड कश्मीर के पूर्व विधायक यूसुफ तारिगामी विशेष तौर पर शामिल रहे। इस सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की खामियों को ठोस एवं सरल रूप में रेखांकित किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा असेंबली में किए गए आहवान अनुसार शिक्षा नीति की जनविरोधी खामियों पर व्यापक विमर्श करने के लिए नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर ज्यादा जोर दिया गया चिराग योजना जैसी योजनाओं के खतरे पर आम लोगों से ज्यादा चर्चा करनी जानी चाहिए।

नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यशाला बहुत ही बेहतरीन रही जिसमें 10 विषयों पर काफी गहन विचार विमर्श किया गया। कार्यशाला में 11 हिंदी भाषी राज्यों के करीब 70 नेतृत्वकारी साथियों ने भाग लिया। जिनमें हरियाणा से 8 साथियों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि इस बार सभी विषयों के नोट्स की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करवाई गई हैं जिन्हें भविष्य में कभी भी प्रयोग किया जा सकता है। कार्यशाला के लिए आर्थिक सहयोग के रूप में 15000 का कोटा लगा था। जो तीनों संस्थाओं (भ्ळटैए ठळटैए भ्टड) द्वारा बराबर-बराबर जमा करवा दिया गया है।
6 अगस्त 2023 को दिल्ली में साइंटिफिक टेंपरामेंट वर्कशॉप और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में सुरेश कुमार और श्री रमेश चन्द्र ने भागीदारी की।
 
‘‘जलवायु परिवर्तन का कृषि पर असर’’ समेत विभिन्न समस्याओं पर चेन्नई में हुई वर्कशॉप में डॉक्टर धर्म सिंह और मा0 वजीर सिंह ने भाग लिया। इसी प्रकार ‘‘साइंटिफिक टेंपरामेंट’’ पर हैदराबाद में हुई वर्कशॉप में डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने भाग लिया।
दिनांक 30 नवम्बर से 3 दिसम्बर 2023 को हिमाचल प्रदेश के नगवाई, जिला मण्डी में क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यशाला हुई थी। जिसमें उतरी भारत के 8 राज्य शामिल हुए थे। हरियाणा से 4 साथी सुरेश कुमार, सतपाल आनन्द, शीतल और जरासो शामिल हुए थे। देश भर में अभियान चलाने के लिए जल्द ही राज्यों की कार्यशालाएं करने की योजना बनी है। इसी कड़ी में जन स्वास्थ्य अभियान हरियाणा की भी बैठकों के जरिए कुछ सक्रियता बनी है।

गत 30-31 अगस्त 2024 को ।प्च्ैछ की नॉर्थ जॉन की मीटिंग/कार्यशाला डक्न् रोहतक में आयोजित की गई। जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा से 60 साथियों ने भाग लिया। इसमें शिक्षा, वैज्ञानिक मानसिकता, जेंडर एंड सोशल जस्टिस, स्वास्थ्य, कृषि और जलवायु परिवर्तन पर रिसोर्स पर्सन्स द्वारा वक्तव्य रखे गए। जिन पर आपसी विचार-विमर्श कर भावी योजना बनाई गई। सभी के ठहरने, खाने, बैठने आदि की व्यवस्था सुचारू थी। एमडीयू प्रशासन का सहयोग बहुत अच्छा रहा। कार्यक्रम पर करीब ₹50000 खर्च हुआ। उक्त मीटिंग/कार्यशाला की पूर्व तैयारी हेतु भ्ळटैए भ्टड और ठळटै के प्रधान एवं सचिवों की संयुक्त मीटिंग ऑनलाइन आयोजित की गई थी। जिसमें पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्ययोजना बनाई गई थी। जिससे तीनों की उपयुक्त भागीदारी हो गई थी लेकिन इसकी सभी तरह की तैयारियों का बोझ एवं खर्च का अधिकतम बोझ भ्ळटै को ही उठाना पड़ा। ठळटै की ओर से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाया।
बीजीवीएस की नेशनल (19-21 जनवरी, 2024) कॉन्फ्रेंस, धनबाद (झारखण्ड) में एचजीवीएस से प्रमोद गौरी व मनीषा और बीजीवीएस से संतोष मुदगिल, शीशपाल व सीताराम ने भागीदारी की।

डिक्लेयरेशन आॅफ सांईंटिफिक टैम्परामैंट कार्यक्रम: विज्ञान दिवस के मौके पर गत 28 फरवरी 2024 को कोलकाता में हुए डिक्लेयरेशन आॅफ सांईंटिफिक टैम्परामैंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा से प्रमोद गौरी, सुरेश कुमार, वजीर सिंह और रमेश चन्द्र सहित 9 साथियों ने भाग लिया।

सामाजिक न्याय और समता पर दिनांक 26-28 नवम्बर को जयपुर (राजस्थान) में वर्कशाप: इस वर्कशाप में समता कोर समूह, बीजीवीएस और एचजीवीएस के मुख्य नेतृत्व ने भाग लिया।
अखिल भारतीय जनविज्ञान नेटवर्क की कोलकाता में 27-30 दिसम्बर 2024 को राष्ट्रीय कांग्रेस: इस राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रदेश की तीनों संस्थाओं से निर्धारित डेलीगेट साथियों ने भाग लिया।
पुस्तकालय आन्दोलन को लेकर दिल्ली में हुई दो दिवसीय कार्यशाला में सोहन दास, रमेश चन्द्र, शीशपाल और दो युवा साथी पानीपत से शामिल रहे।
केरल के वायनाड में आई आपदा के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा की गई अपील के अंतर्गत राज्य की ओर से फौरन ₹20000/- की मदद भेजी गई। जो सभी जिलों अपनी यथासंभव मदद को राज्य केंद्र के पास भेजने पर संभव हो पाया।
राष्ट्रीय ब्रेनस्टॉर्मिंग कार्यशाला: अखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क द्वारा 25 से 27 अक्टूबर तक भोपाल में राष्ट्रीय ब्रेनस्टॉर्मिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें भ्ळटै से 7, ठळटै से 3 और भ्टड से 2 साथियों ने भाग लिया। कार्यशाला में मुख्य विमर्श विशिष्ट क्षेत्र एवं विषयों पर ।प्च्ैछध्ठळटै द्वारा किए जा रहे कार्यों के परिप्रेक्ष्य को और ज्यादा स्पष्ट एवं विकसित करना था। ताकि अन्य व्यापक जनसंगठनों, नागरिक समाज संगठनों आदि के सामान्यीकृत विचारों से हम अलग लगें। इसके साथ ही भारत का भविष्य पर एक राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की ठोस योजना बनाना और पूरे संगठनात्मक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई है। उक्त कार्यशाला में मुख्य विषयों के तौर पर जेंडर, युवा, सामाजिक न्याय, मीडिया एवं सोशल मीडिया और संस्कृति आदि थे।
शिक्षा के मुद्दे पर चेन्नई में राष्ट्रीय कार्यशाला: दिल्ली जंतर-मंतर पर शिक्षा के मुद्दे को लेकर हुए संयुक्त प्रदर्शन में प्रमोद गौरी एवं मनीषा समेत कई साथी शामिल हुए। अखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के पांच साल पूर्ण होने पर इसके विभिन्न पहलुओं की समीक्षा हेतु 27-28 दिसंबर 2025 को चेन्नई में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा से 6 साथी शामिल रहे। जिनमें स्कूली शिक्षा पर चर्चा हेतू वजीर सिंह और नंदकिशोर तथा हायर शिक्षा पर चर्चा हेतू प्रमोद गौरी सहित सहयोगी संगठनों से तीन अन्य वरिष्ठ साथी शामिल हुए। इस कार्यशाला में भागीदारी से पूर्व शिक्षा के क्षेत्र में एक विस्तृत सर्वेक्षण भी किया गया जिसका फॉरमेट राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उपलब्ध करवाया गया था। 
जन स्वास्थ्य अभियान के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा स्वास्थ्य के मुद्दे पर व्यापक चर्चा एवं आगामी आंदोलन की योजना बनाने के लिए गत 11-12 दिसंबर को राष्ट्रीय कन्वेंशन का आयोजन जवाहर भवन, नई दिल्ली में किया गया। जिसमें 23 राज्यों के करीब 600 कार्यकर्ताओं एवं संगठनकर्ताओं ने भारी उत्साह से भाग लिया। जिनमें हरियाणा से विभिन्न संगठनों से जुड़े करीब 65 साथियों ने भी शिरकत की। इस मौके पर जन स्वास्थ्य अभियान के गठन के 25 साल पूर्ण होने पर सिल्वर जुबली मनाते हुए अब तक के तमाम संघर्षों को याद किया गया।
सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला: तर्कशील सोसायटी पंजाब की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी उतर भारत की तर्कशील एवं विज्ञान के प्रचार-प्रसार में लगी संस्थाओं को आमंत्रित कर 21-22 फरवरी 2026 को उत्तराखंड के रामनगर में एक सम्मेलन एवं क्षेत्रिय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा से संदीप महिया शामिल हुए।

राज्य केेन्द्र/सचिवमण्डल द्वारा किए गए कार्य एवं गतिविधियां
वैज्ञानिक मानसिकता अभियान: डॉ नरेंद्र दाभोलकर की याद में मनाए जाने वाले वैज्ञानिक मानसिकता दिवस पर भ्ळटै और भ्टड की संयुक्त पहलकदमी पर आगामी 20 अगस्त 2023 को प्द क्मंिदबम व िैबपमदबम के लिए एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम करनाल में आयोजित किया गया। जिसमें दोनों वक्ताओं के वक्तव्य और अध्यक्ष की टिप्पणी बेहद सारगर्भित रही। हाजिरी भी उम्मीद से ज्यादा रही मगर काफी लोगों की चेतना का लेवल बेहद कमजोर था। हिसार से हाजिरी बेहद कम हो पाई। इनके अलावा अध्यापकों की भागीदारी का काम होना, बच्चों द्वारा शोर शराबा करना, पूर्वानुमान से ज्यादा खर्च का होना और माइक सिस्टम का सुचारु न होना आदि काफी चिंताजनक बातें रही थी। वैज्ञानिक मानसिकता के प्रथम फेज के क्लमीनेशन और द्वितीय फेज की शुरूआत के लिए गत 2 फरवरी, 2025 को जीन्द में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सभी जिलों की अच्छी भागीदारी रही। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर 28 फरवरी को अधिकतर जिलों में स्कूलों में आयोजन किए हैं। 
वैज्ञानिक मानसिकता अभियान के दूसरे फेज के अंतर्गत अध्यापकों एवं छात्रों से संवाद बढ़ाने के लिए “वैज्ञानिक चेतना का विकास” नामक पुस्तिका पर छात्रों के एग्जाम लेने की योजना बनाई गई है। वैज्ञानिक मानसिकता पर हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति और हरियाणा विज्ञान मंच के संयुक्त तौर पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 29-30 अक्टूबर 2023 को हिसार में आयोजित की गई। इस कार्यशाला से निकले निष्कर्श अनुसार राज्य भर में 28 फरवरी 2024 तक लगभग 100 विज्ञान मेले लगाने की योजना बनाई गई। लेकिन हम इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए। इसके अलावा रोहतक, गुरूग्राम में भी क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। 
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 1 मार्च 2026 को तीसरे फेज या चरण का कल्मिनेशन आॅनलाइन किया गया है। इस मौके पर हमारे अध्यापकों द्वारा लिखे गए निबंधों पर समीक्षात्मक चर्चा करते हुए आगे निरन्तरता बनाए रखने के प्रयासों पर सहमति है।

संविधान का ड्राफ्ट:  संगठन के संविधान का ड्राफ्ट राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों के पास भेज दिया गया था जिस पर सभी साथियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए हैं। उन्हीं सुझावों के आधार पर अपडेट करते हुए इसे पुनः राज्य कार्यकारिणी के वाट्सएप ग्रुप में डाला गया ताकि कोई भी साथी अन्य सुझाव देना चाहे तो दे सके। फिर इसे राज्य सम्मेलन में आज पेश कर सर्वसम्मति से पारित करवाकर जारी किया जाएगा।

स्मारिका-2023: गत 10वें राज्य सम्मेलन के अवसर पर एक स्मारिका का प्रकाशन किया गया था जिसमें दो मुख्य बिंदु के तौर पर वैचारिक लेख और विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे। इन विज्ञापनों के जरिए करीब 3ः00 लाख रुपए की राशि जुटाई गई थी। यही प्रयास इस सम्मेलन के अवसर पर भी किया गया है।
जिलों से तालमेल: राज्य केन्द्र द्वारा नियमित तौर पर जिला नेतृत्व से तालमेल किया जाता है। पूर्व सूचना के आधार पर जिला मीटिंगों और अन्य कार्यक्रमों में भागीदारी का हर संभव प्रयास किया जाता है। लेकिन कुछ जिलों द्वारा पूर्व सूचना के बिना रखे गए कार्यक्रमों या मीटिंगों में भागीदारी संभव नहीं हो पाती। इसके बावजूद जिलों के साथ संवाद हेतू आॅनलाइन प्रयास भी किए जाते हैं।

अन्य संस्थाओं से तालमेल: दलित अधिकार मंच हरियाणा के दिनांक 22-23 जुलाई, 2023 को जीन्द में हुए राज्य स्तरीय सांगठनिक सम्मेलन में हमारे सामाजिक न्याय के दलित कोर समूह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, हरियाणा विज्ञान मंच, भारत ज्ञान-विज्ञान समिति, दलित अधिकार मंच हरियाणा,  ग्रेवाल संस्थान कुरुक्षेत्र आदि संगठनों के साथ विभिन्न मुद्दों पर ज्यादा विचार-विमर्श करने हेतु नेटवर्किंग किया जाता है।

नई शिक्षा नीति-2020 पर 3 सितम्बर 2023 को रोहतक में राज्य स्तरीय कन्वेंशन हुई। जिसमें करीब 300 लोगों ने भागीदारी की और करीब एक दर्जन वक्ताओं ने बातचीत रखी। कुछ प्रबुद्ध लोगों ने टिप्पणियां भी रखी। कुल मिलाकर कार्यक्रम काफी अच्छा व सराहनीय रहा। 

दलित विमर्श पर कार्यशाला: दलित विमश पर 30-31 मार्च 2025 को कैथल में हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला में अनेक बाधाओं के बावजूद 17 राज्य कार्यकारिणी सदस्यों सहित करीब 70 साथियों ने भागीदारी की। जिसमें तीन विषयों 1. ‘‘वर्तमान में दलितों की स्थिति,’’ 2. ‘‘दलित समाज में नवजागरण की चुनौतियां एवं संभावनाएं,’’ 3. ‘‘दलित समाज में विमर्श के लिए ज्ञान विज्ञान आंदोलन के काम’’ पर स्रोत व्यक्तियों द्वारा बातचीत रखी गई। जिन पर सभी प्रतिभागियों ने गंभीरता पूर्वक वैचारिक विमर्श किया गया। कार्यशाला हर लिहाज से यानी ठहरने एवं खाने की व्यवस्था, प्रतिभागियों की उपस्थिति, वैचारिक विमर्श में भागीदारी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आदि दृष्टिकोणों से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। हालांकि भिवानी और हिसार के साथी दूसरे दिन शामिल नहीं रह पाए। 
मेरे घर आकर तो देखो अभियान: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2024 के मौके पर ‘‘मेरे घर आकर तो देखो’’ अभियान चलाकर आपसी भाईचारे हेतु अल्पसंख्यकों एवं दलितों के घरों में परिवारों सहित जाकर आजादी का जश्न मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक एवं दलित साथियों के साथ घरों में जाकर साझा विचार-विमर्श किया गया। अल्पसंख्यक विमर्श कोर की ऑनलाइन मीटिंग में खास बात यह उभरी कि हमें अल्पसंख्यक तबकों की स्थिति को समझने के लिए ठोस अध्ययन करने तथा परिप्रेक्ष्य लिखने तथा सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को पढ़कर आत्मसात करना चाहिए। इस कार्यक्रम को लगातार जारी रखने का प्रयास करना चाहिए और इसकी डॉक्युमेंटेशन भी करनी चाहिए। 
बाइक जत्था और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा: सेहर हाशमी के नेतृत्व में पहुंचे बाइक जत्था के सफल आयोजन हुए। बाइक जत्थे का नरवाना में तीन जगह पर कार्यक्रम किया गया एक स्कूल एक पॉलिटेक्निक में और तीसरा किसान धरना पर। मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर चर्चा हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई जो काफी अच्छी रही।

महिलाओं की स्थिति पर सर्वेक्षण: रोहतक में एम.डी.यू. के छात्रों ने महिलाओं की स्थिति पर एक गांव के 110 घरों का सर्वेक्षण किया है जिसकी समीक्षा में जिला नेतृत्व साथी शामिल रहा है। ये छात्र कुछ समय के लिए हमारे पास इंटर्नशीप पर आए हुए हैं। छोटी-छोटी मीटिंगों के जरिए संगठन निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। 
जन स्वास्थ्य अभियान: जन स्वास्थ्य अभियान की राज्य स्तरीय कन्वेंशन 23 नवम्बर 2025 को रोहतक में आयोजित की गई। इसके आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति द्वारा निभाई जबकि अन्य संगठनों ने सहयोग किया। 
जीन्द जिला की समीक्षा रिपोर्ट: राज्य कार्यकारिणी में जिलों की समीक्षा हेतू लिए निर्णय अनुसार केवल जीन्द और पानीपत जिलों की ही विस्तृत समीक्षा हो पाई लेकिन अन्य जिलों ने समीक्षा हेतू पहल नहीं कर पाए।
युवाओं मुद्दों पर कार्यशाला: समालखा (पानीपत) में युवाओं की दो दिवसीय कार्यशाला हुई है जिसमें करीब 50 युवाओं एवं संगठनकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला में ‘‘आज का युवा जीवन और चुनौतियां, ज्ञान-विज्ञान आंदोलन और वर्तमान दौर तथा संगठन के काम और हमारी भूमिका’’ विषयों पर व्यापक विमर्श किया गया है। चर्चा के दौरान युवाओं के मसलो पर व्यापक विचार-विमर्श करते हुए एक सामूहिक अप्रोच बनाने का ठोस सुझाव भी आया। 
कृषि: कृषि के मुद्दे पर भी हिसार में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। जिसमें करीब 40 किसानों एवं संगठनकर्ताओं ने भाग लिया। जिसमें सस्ती खेती, टिकाऊ खेती, वैज्ञानिक खेती पर विमर्श किया गया है। इस कृषि कार्यशाला में ‘‘किसान खेत स्कूलों का अनुभव, समीक्षा, नवाचार और भविष्य की योजना तथा जहरमुक्त कृषि उत्पादों की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन’’ विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इसके बाद स्टेट कृषि कोर समूह की पहलकदमी पर दुसरी कार्यशाला दिनांक 23-24 अगस्त 2025 को जाट धर्मशाला, हिसार में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पहले दिन करीब 100 और दूसरे दिन करीब 60 साथियों ने भाग लिया। जहर मुक्त खेती और जहर मुक्त थाली के कांसेप्ट को आगे बढ़ाने के लिए काफी अच्छा विचार-विमर्श किया गया। जींद और पानीपत में भी कृषि कार्य को लेकर अतिरिक्त प्रयास किए जाने की योजना बनी है।
लर्निंग सैंटर: लर्निंग सैंटर की परिकल्पना पर विस्तृत चर्चा करते हुए हर इकाई में लर्निंग सैंटर को स्थापित कर संचालित करने का निर्णय लिया गया लेकिन इस पर विमर्श एवं फीडबैक कमजोर है और उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।

ज्ञान-विज्ञान बुलेटिन: हरियाणा ज्ञान-विज्ञान समिति द्वारा प्रकाशित ज्ञान-विज्ञान बुलेटिन हमारा मुखपत्र है लेकिन अनियमितकालीन है। इसकी 1000 प्रतियां औसतन दो माह में प्रकाशित हो पा रही हैं। इनमें से 150 प्रतियां हिमाचल प्रदेश द्वारा भी ली जा रही हैं, शेष प्रतियां विभिन्न जिलों में वितरित होती हैं। गत सम्मेलन के बाद से इसका प्रकाशन लगातार किया गया है और अब तक 40वें अंक तक का प्रकाशन कर वितरण किया गया है। जिसमें कोर समूह द्वारा नियमित विमर्श उपरांत सामूहिकता से निर्णय लेकर वर्तमान की जरूरत अनुसार सामग्री प्रकाशित की है।

वित्तिय प्रबंधन: वित्तिय प्रबंधन के लिए हर साल योजना बनाकर लागू करने का प्रयास किया गया है। सभी जिलों द्वारा यथासंभव सहयोग किया जाता है। स्टेट अकाउंट वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 का ऑडिट करवाया। गुरुग्राम में 20 अप्रैल 2025 को चंदा अभियान चलाया गया। टीम में डाॅ. रणबीर दहिया, सोहन दास, मनीषा और सुरेश कुमार शामिल रहे। करीब 45000/- रूपये चंदा किया गया।
हिमाचल में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। जिससे मंडी एरिया सैंकड़ों घर बह गए हैं जिनमें हमारे आंदोलन में काम कर रहे परिवार भी उजड़ गए हैं। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति और ।प्च्ैछ ने सभी राज्यों से बढ़चढ़ कर मदद करने की अपील की है। इसके लिए स्टेट कमेटी की ओर से सभी जिलों के सहयोग से ₹20000/- की राशि हिमाचल को भेज दी गई है।
साथी अजमेर चैहान को आर्थिक मदद: ज्ञान-विज्ञान आंदोलन की अपील पर हमारे आन्दोलन के साथी अजमेर चैहान के टांगों के आॅप्रेशन एवं इलाज के लिए राज्य भर से बड़े पैमाने पर आर्थिक मदद दिलाई गई।
सदस्यता: हर वर्ष सदस्यता के नवीनीकरण की योजना बनाई जाती है। लेकिन हमारी सदस्यता औसतन करीब 1000 के आसपास रहती है। कुल मिलाकर सदस्यता अभियान काफी ढ़ीला-ढ़ाला रहता है जो संगठन की नाजुक हालात को दर्शाता है क्योंकि हमारी पहुंच एवं संवाद सभी सदस्यों तक नहीं बन पाई है। ऐसे में संगठन का विस्तार नहीं हो पा रहा है। सदस्यता के वैचारिक स्तर को ऊंचा उठाने, मजबूत संगठन के निर्माण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जबकि हमें सभी कार्यों को इंटीग्रेटिड करने की समझ को विकसित करने की ओर बढ़ना चाहिए।

राज्य मुख्यालय के लिए खरीदे गए प्लाॅट की स्थिति: आजादगढ़, रोहतक में ज्ञान-विज्ञान आन्दोलन का 320 गज का एक प्लाॅट पड़ा है जो भ्टड के नाम से खरीदा गया था। लेकिन बाद में इसकी इब्बा रजिस्ट्री भ्टड - भ्ळटै के नाम करवा ली गई थी। जिसे बेचकर अब 200 वर्ग गज का प्लाॅट रोहतक में सैक्टर-5 के पीछे, गांधी स्कूल के नजदीक खरीदा गया है। प्लॉट की बिक्री के संबंध में सब कुछ हिसाब-किताब हो चुका है। जिसमें से हमारे पास ₹13 लाख रुपए की नकद राशि बची है। इस पर सहमति बनाई गई है कि इस राशि की फाउंडेशन डाल दी जाए यानि कि प्लाट की नीव वगैरा भरवा ली जाए और इसके लिए जल्द नक्शा बनवाकर कार्रवाई कर ली जाए। प्लॉट के नक्शे पर रोहतक स्थित साथी काम कर रहे हैं। नए खरीदे गए प्लांट को व्यक्तियों के नाम रजिस्टर करवाया गया है और जल्द ही प्रयास रहेगा कि उसे संगठन के नाम करवाया जाए।

पुस्तकों का प्रकाशन: राज्य केन्द्र द्वारा नेशनल केन्द्र पर अंग्रेजी में तैयार पुस्तिका को ‘‘आधुनिक भारत की संकल्पना’’ यानि आईडिया ऑफ इंडिया पुस्तिका के नाम से हिन्दी में 2000 प्रतियों का प्रकाशन करवाया गया है। जिनकी बिक्री कर दी गई है।

गौहर रजा से प्राप्त पुस्तकें: गौहर रजा द्वारा हमें सैंकड़ों पुस्तकें उपलब्ध करवाई हैं जिन्हें रिकाॅर्डबद्ध किया जा रहा है।