Monday, March 25, 2013

HOLI KE RANG



सब रंगों का समावेश भारत देश हमारा देश 

होली संग निखरे रंग मिलके खेलेंमिटें क्लेश 

कुदरत ने दुनिया में कई तरह के हैं रंग बिखेरे 

इन रंगों को भरते जीवन में देश के सभी कमेरे  





Sunday, March 24, 2013

गौरी सरकार के चूले जब  क्रांतिकारियों ने हिला दिए
राजगुरु सुखदेव भगत सिंह सतलुज किनारे जला दिए 

holi

ना  गर्मी ना सर्दी मौसम बसंत का आया
होली का त्यौहार किसान को बहुत  भाया
आई गेहूं कटाई उससे पहले  खेल रचाया
दुल्हेंडी का ये पर्व  देवर भाभी का  बताया 

parcham

ये तो शुक्र की तूने इसका परचम बना लिया
ये बहोत पहले बना लेती तो बहुत अच्छा था


HAM HAR GAYE

हम हांर गए   1857 में अंग्रेजों से ।  शायद ब्रिटिश राज से घृणा और क़ुरबानी के जज्बे के अलावा भारतीय जनता को ज्यादा आधुनिक विचार और आधुनिक संगठन की जरूरत थी 

baat pate kee

   बात पते की
1857 के बाद के वर्षों में अंग्रेज उपनिवेशवादियों ने सामंतों जागीरदारों से अपनी मित्रता को गहरा किया , जातपात के भेदों को बढाया और हिन्दू मुसलमान के बीच नफरत और द्वेष पूर्ण स्पर्धा के जहरीले बीज बोये ।  आज हमारे शाषक भी उन्ही के पद चिन्हों पर चल रहे हैं ।