Saturday, November 6, 2010

एक की उमर लाम्बी होज्या ,दूजा बिन मौत मरैगा
एक पड्या कीचड के मैं दूजा चाँद की सैर करैगा
एक हाँडै बिना पढ़ाई, दूजा घनी पढ़ाई पढ़ ज्या
एक सोवै फूटपाथ पै दूजा असमाना पै चढ़ ज्या
एक मांगे एक एक आन्ना दूजे पै पीसा बेउनमाना
एक तो रहवै भूखे पेट दूजा जावै रोज जिमखाना
एक पै तिन तिन रानी दूजा ओवर ऐज होवैगा
एक कै मने रोज दिवाली दूजा अँधेरे मैं सोवैगा
एक के बालक राज करै दूजे के बर्तन मान्जैंगे
एक मरै बिना दवाई दूजे कै पाछै डाक्टर भाजैंगे
एक तो गरीब कुहावैगा दूजा अमीर घना ए होज्यावै
एक नै अर्थी ना मिलै दूजा चन्दन मैं फून्क्या जावै

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